अपराध के सामाजिक कारण ः
किसी भी अपराध के होने में समाज का बहुत बड़ा योगदान होता है क्योंकि संभवतः ऐसा देखने को मिलता है कि आज के समय में समाज गलत चीजों व अपराध का विरोध करने में बहुत कमजोर दिख रहा है और जानबूझकर खामोश है खामोशी के कारण भी हैं जो यह है कि अगर समाज का कोई व्यक्ति समाज में हो रहे अपराध‚अपराधी और गलत कार्यों का विरोध करता है तो समाज के ही कुछ लोग जिनको समाज में हो रहे उन अपराधों से किसी भी प्रकार से फायदा पहुंचता है वो लोग विरोध कर रहे व्यक्ति व उसके परिवार पर दबाव बनाकर चुप करा देते हैं और परिवार सख्त हाेकर अपराध का विरोध करने के बजाय डर कर खामोश हो जाता है। समाज में ऐसा भी होता है कि समाज के लोग अपराधी से व्यक्तिगत सम्बन्ध खराब न हो इसके लिए भी अपराध व अपराधी का विरोध नहीं करते हैं जो कि समाजिक पर्यावरण के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है।
अपराधी पर विद्वानों के मत ः
अगर हम विद्वानों की बात करें तो उनके अनुसार अपराधी जन्मजात नहीं होते हैं बल्कि ज्यादातर विद्वान इस बात पर अधिक बल देते हैं कि अपराध्री समाज द्वारा बनाये जाते हैं। प्रमुख विद्वान–सदरलैण्ड‚टैफ्ट।
किसी भी अपराध के होने में समाज का बहुत बड़ा योगदान होता है क्योंकि संभवतः ऐसा देखने को मिलता है कि आज के समय में समाज गलत चीजों व अपराध का विरोध करने में बहुत कमजोर दिख रहा है और जानबूझकर खामोश है खामोशी के कारण भी हैं जो यह है कि अगर समाज का कोई व्यक्ति समाज में हो रहे अपराध‚अपराधी और गलत कार्यों का विरोध करता है तो समाज के ही कुछ लोग जिनको समाज में हो रहे उन अपराधों से किसी भी प्रकार से फायदा पहुंचता है वो लोग विरोध कर रहे व्यक्ति व उसके परिवार पर दबाव बनाकर चुप करा देते हैं और परिवार सख्त हाेकर अपराध का विरोध करने के बजाय डर कर खामोश हो जाता है। समाज में ऐसा भी होता है कि समाज के लोग अपराधी से व्यक्तिगत सम्बन्ध खराब न हो इसके लिए भी अपराध व अपराधी का विरोध नहीं करते हैं जो कि समाजिक पर्यावरण के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है।
अपराधी पर विद्वानों के मत ः
अगर हम विद्वानों की बात करें तो उनके अनुसार अपराधी जन्मजात नहीं होते हैं बल्कि ज्यादातर विद्वान इस बात पर अधिक बल देते हैं कि अपराध्री समाज द्वारा बनाये जाते हैं। प्रमुख विद्वान–सदरलैण्ड‚टैफ्ट।

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